Author name: dr.manojdubey@yahoo.com

लघुकथाएँ [ Short-Stories ]

ए.टी.एम. के पार

ATM के पार(मंच पर अकेला व्यक्ति। हाथ में मोबाइल। कुछ पल चुप्पी)मैं रोज़ सुबह उठता हूँ।किसी आवाज़ से नहीं,ज़रूरत से।काम पर जाना है,तो जाता हूँ।क्योंकि रुकना मेरे हिस्से में नहीं है।मैं घर से दूर हूँ।इतना दूर किअब किसी को फर्क ही नहीं पड़ताकि मैं कैसे रहता हूँ।दिन भर काम करता हूँ।पूरी ज़िम्मेदारी से।क्योंकि मुझे यही […]

वास्तविक कहानियाँ [ Real-stories ]

एक मिनट का त्याग

यह उन दिनों की बात है जब मैंने कॉलेज में नई-नई नौकरी जॉइन की थी। अनुभव कम था, उत्साह भरपूर था और वरिष्ठों की हर बात मुझे आदेश से कम नहीं लगती थी।हमारे विभाग में एक वरिष्ठ फैकल्टी थे—खटवाकर जी। वे पढ़ाने में कैसे थे, यह तो विद्यार्थी ही बेहतर बता सकते थे, लेकिन काम

हास्य-व्यंग [ Satire ]

छिपकली कमांडर

छिपकली कमांडर बात उन दिनों की है जब मैं हॉस्टल में रहता था। मेरा रूममेट दुबला पतला एक गुजराती लड़का था, लेकिन हमेशा दूसरों पर रौब दिखाने की कोशिश करता था। इन स्वघोषित सूरमा बहादुर जी की एक कमजोरी थी, छिपकली को देखते ही चेहरे का रंग ऐसे उड़ जाता था, जैसे परीक्षा में नकल

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